नोएडा में बदमाशों का कहर एक फिर देखने को मिला. नोएडा के थाना 39 क्षेत्र के पॉश इलाका सेक्टर-46 में बाइक सवार 2 अज्ञात बदमाशों ने सड़क पर पैदल जाते 2 युवकों को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए. इसमें घायल सोनू नाम के शख्स की मौके पर ही मौत हो गई.
जबकि घायल हरिनाथ सिंह को पुलिस ने जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया. जहां उसकी हालत नाजुक होने के चलते डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया है. वहीं जिले के कप्तान ने पुलिस की लापरवाही को देखते हुए थाना 39 में तैनात इंस्पेक्टर अमित कुमार को घटना के बाद तुरंत हटा दिया और नया थाना प्रभारी नियुक्त किया.
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही पुलिस की दो टीमें बना दी गई हैं जो बदमाशों की तलाश में जुटी हैं.
गोतमबुद्द नगर के एसएसपी अजय पाल शर्मा ने थाना प्रभारी अमित कुमार को तत्काल हटाकर उदय प्रताप सिंह को कार्यभार सौंप दिया और जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं. इस पूरे मामले पर जब एसएसपी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि घटना की जानकरी मिलते ही पुलिस मौके पर पंहुची.
शुरूआती जांच में सामने आया कि सोनू और हरिनाथ फिरोजाबाद के रहने वाले हैं और दोनों यहां मजदूरी करते थे. जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि पुलिस द्वारा 2 व्यक्तियों को यहां लाया गया था, जिसमें से एक पहले से मृत था. वहीं, दूसरे की हालत नाजुक होने के चलते दिल्ली रेफर कर दिया गया.
दरअसल, FIR दर्ज करवाने वाले लोगों की मांग थी कि गोकशी करने वालों पर रासुका लगाई जाए. पुलिस ने इस मांग को मान लिया था, लेकिन FIR की कॉपी मिलने तक का इंतजार किया गया. और इसी दौरान हिंसा हो गई.
एक ही बोर की गोली से दोनों की हत्या!
सूत्रों की मानें तो बुलंदशहर मामले में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित की हत्या एक ही बोर की पिस्टल से हुई थी. सुबोध को गोली जम्मू में तैनात एक फौजी की अवैध गोली से लगी है, घटना के बाद से ही फौजी फरार है. पुलिस ने इसके लिए जम्मू में सेना से भी संपर्क किया गया है, अभी तक इस मामले में तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तार कर चुकी है. बताया जा रहा है कि जम्मू से फौजी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस आज शाम को ही पुलिस साजिश का खुलासा कर सकती है.
आपको बता दें कि गोकशी के शक में बुलंदशहर में हुई हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और स्थानीय नागरिक सुमित की मौत हो गई थी. सुबोध सिंह के परिवार ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी, यूपी सरकार की ओर से उनके परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मदद करने का ऐलान किया गया है.
जबकि घायल हरिनाथ सिंह को पुलिस ने जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया. जहां उसकी हालत नाजुक होने के चलते डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया है. वहीं जिले के कप्तान ने पुलिस की लापरवाही को देखते हुए थाना 39 में तैनात इंस्पेक्टर अमित कुमार को घटना के बाद तुरंत हटा दिया और नया थाना प्रभारी नियुक्त किया.
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही पुलिस की दो टीमें बना दी गई हैं जो बदमाशों की तलाश में जुटी हैं.
गोतमबुद्द नगर के एसएसपी अजय पाल शर्मा ने थाना प्रभारी अमित कुमार को तत्काल हटाकर उदय प्रताप सिंह को कार्यभार सौंप दिया और जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं. इस पूरे मामले पर जब एसएसपी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि घटना की जानकरी मिलते ही पुलिस मौके पर पंहुची.
शुरूआती जांच में सामने आया कि सोनू और हरिनाथ फिरोजाबाद के रहने वाले हैं और दोनों यहां मजदूरी करते थे. जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि पुलिस द्वारा 2 व्यक्तियों को यहां लाया गया था, जिसमें से एक पहले से मृत था. वहीं, दूसरे की हालत नाजुक होने के चलते दिल्ली रेफर कर दिया गया.
दरअसल, FIR दर्ज करवाने वाले लोगों की मांग थी कि गोकशी करने वालों पर रासुका लगाई जाए. पुलिस ने इस मांग को मान लिया था, लेकिन FIR की कॉपी मिलने तक का इंतजार किया गया. और इसी दौरान हिंसा हो गई.
एक ही बोर की गोली से दोनों की हत्या!
सूत्रों की मानें तो बुलंदशहर मामले में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित की हत्या एक ही बोर की पिस्टल से हुई थी. सुबोध को गोली जम्मू में तैनात एक फौजी की अवैध गोली से लगी है, घटना के बाद से ही फौजी फरार है. पुलिस ने इसके लिए जम्मू में सेना से भी संपर्क किया गया है, अभी तक इस मामले में तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तार कर चुकी है. बताया जा रहा है कि जम्मू से फौजी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस आज शाम को ही पुलिस साजिश का खुलासा कर सकती है.
आपको बता दें कि गोकशी के शक में बुलंदशहर में हुई हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और स्थानीय नागरिक सुमित की मौत हो गई थी. सुबोध सिंह के परिवार ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी, यूपी सरकार की ओर से उनके परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मदद करने का ऐलान किया गया है.
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